कुछ बातें कहकर, कुछ गाने सुनाकर,
प्यार का इज़हार तुम भी तो किया करते थे। ये सुनो, इसमें भी इसे महसूस करो ऐसा बताया करते थे। फिर उन एहसासों को भुलकर, उन बातों को कहीं दूर छोड़ कर तुम तो आगे बढ़ जाना, मेरे लिए वो एहसास ही काफी है, कभी बिताए जो पल, वो यादें ही काफी हैं। अगर कभी मुश्किल हुआ सफर तो तेरे भेजे हुए गाने ही काफी हैं...Saturday, 7 October 2023
Subscribe to:
Posts (Atom)
एक सवाल खुद से?
इंतज़ार कर रहे हो जिसका तुम, उसके आने पर उसके नहीं हो पाओगे, तो किसकी इंतज़ार में रातें बिताओगे? जहां जाना था तुम्हें, वहां जाकर भी सुकून न...
-
रास्ते कितने भी ख़ूबसूरत क्यों न हो, सुकून तो मंज़िल तक पहुँच कर ही आता है। बादल से कोई बूंद जब धरती पर गिरता है, तो ही धरती खिलखिला पाती ह...
-
एहसास को आवाज़ की ज़रूरत होती है क्या, शब्दों की तलाश में जब विचार ठहर जाए, अशांत मन में जब सन्नाटा पसर जाए, और सवालों की बिजली से दिल की धड...
-
I was drowning in emotional water, When a boat of rationality arrived, Offering me a chance of survival. As I climbed the boat, A storm of ...