Wednesday, 25 January 2017
Dil ki awaj: ...
Dil ki awaj: ...: क्यों है इतना अंतर माँ मुझको बतला दो आज कैसा है ये राज मैं भी बच्चा,वो भी बच्चा...
Dil ki awaj: ...
Dil ki awaj: ...: एक अनसुनी आवाज आधी रात में एक आवाज सुनी दिल में कुछ हलचली मची। ऐ दिल !तुझे शिक...
Subscribe to:
Posts (Atom)
एक सवाल खुद से?
इंतज़ार कर रहे हो जिसका तुम, उसके आने पर उसके नहीं हो पाओगे, तो किसकी इंतज़ार में रातें बिताओगे? जहां जाना था तुम्हें, वहां जाकर भी सुकून न...
-
तो कोई क्या करे ज़िन्दगी जब अधूरी लगे कोई बात न ज...
-
I was drowning in emotional water, When a boat of rationality arrived, Offering me a chance of survival. As I climbed the boat, A storm of ...
-
बेबस बचपन बात मार्च २०, 2014 की है। मैं अपनी माँ के साथ बाजार गयी हुई थी। हमे बैग भी खरीदना था। व...